Dwarka Expressway पर C&D वेस्ट यार्ड के खिलाफ फूटा गुस्सा, रेजिडेंट्स ने सरकार को 7 दिन की चेतावनी
विरोध में शामिल निवासियों ने सरकार के पुराने वादों की याद दिलाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र को 'सिंगापुर-शैली की लेक सिटी' बनाने का सपना दिखाया था, लेकिन स्थानीय अधिकारी इसे 'गार्बेज सिटी' में तब्दील करने पर तुले हैं।

Dwarka Expressway के किनारे बन रहे नए (C&D) वेस्ट डंपिंग यार्ड के विरोध में सैंकडों लोगों ने विरोध किया। इस यार्ड को सेक्टर 103 और 106 में बनने नहीं दिया जाएगा। रविवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध करते हुए यार्ड को दूसरी जगह शिफ्ट करने को कहा गया। अगर ऐसा नहीं होता है तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
रविवार को सैंकडों लोगों का सब्र का बांध आज टूट गया। सेक्टर 103 और 106 में प्रस्तावित कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन (C&D) वेस्ट डंपिंग यार्ड के खिलाफ दौलताबाद और बाबूपुर के ग्रामीणों सहित करीब सौ से अधिक निवासियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम डेवलपमेंट एसोसिएशन (DXPGDA) के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिनों के भीतर इस प्रोजेक्ट को स्थानांतरित नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा।
प्रदर्शनकारियों ने शहरी नियोजन (Urban Planning) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। DXPGDA के संयोजक सनी दौलताबाद ने कहा यह विडंबना है कि जहां हमें पार्कों और हरियाली की उम्मीद थी, वहां प्रशासन कचरे का पहाड़ खड़ा कर रहा है। सेक्टर 103 में प्रस्तावित साइट एक प्ले स्कूल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर है। यह हमारे बच्चों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।
विरोध में शामिल निवासियों ने सरकार के पुराने वादों की याद दिलाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र को ‘सिंगापुर-शैली की लेक सिटी’ बनाने का सपना दिखाया था, लेकिन स्थानीय अधिकारी इसे ‘गार्बेज सिटी’ में तब्दील करने पर तुले हैं। गोदरेज मेरिडियन के निवासी एडवोकेट यश ने भावुक होते हुए कहा, “हमने अपनी जीवन भर की कमाई इन घरों में लगाई है, लेकिन अब यहाँ रहना एक ‘हेल्थ हैजार्ड’ बन गया है।”
इस आंदोलन को सेक्टर 99 से 115 तक की विभिन्न सोसायटियों के RWA अध्यक्षों का समर्थन मिला। प्रदर्शन में राकेश हुड्डा (चिंटल्स पैराडिसो), स्वराज वर्मा (वुडशायर), सुनील सरीन (इम्पीरियल गार्डन) और बाबूपुर के पूर्व सरपंच हरीश यादव सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
DXPGDA ने प्रशासन को साइट बदलने के लिए 7 दिनों का समय दिया है। 20 सदस्यों का एक दल जल्द ही हरियाणा के मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक और सांसद से मुलाकात करेगा। यदि समाधान नहीं निकला, तो नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में याचिका दायर की जाएगी। निवासियों की मांग है कि इस जमीन का उपयोग पार्क, ग्रीन बेल्ट या खेल सुविधाओं के लिए किया जाए ताकि द्वारका एक्सप्रेसवे की गरिमा और पर्यावरण सुरक्षित रहे। (Dwarka Expressway)









